• Kumar Vivek Garg

आसान नहीं होता

किताबों में सारा ग्यान नहीं होता,

बड़े बुजुर्ग जो कह देते,

उसमे ही सारा जहान नहीं होता।

खुद ही खुद को गिराना और उठाना पड़ता है,

जिंदगी का सफर कभी भी आसान नहीं होता।।


हरदम जो साथ होने का दावा करता,

जरूरतों के वक़्त में उसका नामोनिशान नहीं होता।

मिलते जाने से मालूम मोल अरमानों का नहीं होता,

मैदाने जंग में खड़े हो तो बस तलवार ही काफ़ी है -

हिम्मत सुंदर खाली म्यानों से नहीं होता।।


जो कहता रहता है साथ आयेगा तेरे क़यामत तक,

सच जान वो संग तेरे श्मशान तक भी नहीं होगा।

माँ ने कहा तूँ बड़ा बनेगा, तूने मान लिया और बैठ गया,

एक बार कोशिश तो किया होता, क्यूंकि -

जो खुद तुझे पाने ख़ातिर नौ मास सही, केवल

अज़ान मे मांगे उसकी दुआओं से नाम नहीं होता।।


हिमालय पर खड़े होकर आसमान छुने की चाह है,

तो पैरों में छाले, सीने में फूलती साँसे -

और कंधों पर झोले ले चल..

बस चाह रखने, और ख्वाब देखने से राह नहीं मिलता।

सपनों में जो पास दिखती है मंज़िल,

सपनों में उसका थाह नहीं मिलता..

सपनों को पूरा करने के ख़ातिर नींद से लड़ना पड़ता है,

सपनों के लिए फिर सपनों में जाने से काम नहीं होता।।


किताबों में सारा ग्यान नहीं होता,

बड़े बुजुर्ग जो कह देते,

उसमे ही सारा जहान नहीं होता।

खुद ही खुद को गिराना और उठाना पड़ता है,

जिंदगी का सफर कभी भी आसान नहीं होता।।