• Kumar Vivek Garg

याद रख पाओगे

कह तो रहे हो मुझसे, हरदम साथ निभाओगे, पूछ तो लो एकबार खुद से, अपने ही वादे याद रख पाओगे।।


वादों के बादशाह हो तुम - मुझे पता है, बादशाहों की तरह ही बाद में, सबसे मुकर तो ना जाओगे।।


चश्मे दिए हैं तुमने बड़े खूबसूरत, इन चश्मों से अपनी दुनिया दिखा, कहीं फिर बाद में, चश्में संग - मेरी आँखें तो ना छीन ले जाओगे।।


ख्वाब दिए हो शीशमहल के, यक़ीन है मुझे तुम वो दिलाओगे, पर डर बस इतना है कि कहीं, उसमें भेज खुद ही पत्थर तो ना बरसाओगे।।


मंजिल तो ऊँची दिखा रहे हो, उस तक ज़रूर पहुंचाओगे, पर ऊपर ले जाकर फिर से, नीचे की ओर धक्के तो ना लगाओगे।।


प्रेम का राजा कहते ख़ुद को, प्रेम नगर की रानी बनाओगे, फ़िर कहीं नई रानी की तलाश में, इस प्रेम नगर को भूल तो ना जाओगे।।

कह तो रहे हो मुझसे, हरदम साथ निभाओगे, पूछ तो लो एकबार खुद से, अपने ही वादे याद रख पाओगे।।

8 views