• VIVEK KUMAR SHUKLA

कोई बात पुरानी


लाजो तेरी आँखीयों में क्युं आज भरा है पानी, याद आ गयी है क्या तुझको कोई बात पुरानी।

लड़कपन में भाई के संग गुड्डे गुड़ियों से खेली थी, भाई बना था पापा उनका और तु गुड़ियों की नानी, लाजो तेरी आँखीयों में क्युं आज भरा है पानी, याद आ गयी है क्या तुझको कोई बात पुरानी।।

पापा का झल्लाहट और मम्मी की मुस्कुराहट तब की, जब भाई ने की थी ईक प्यारी सी शैतानी, लाजो तेरी आँखीयों में क्युं आज भरा है पानी, याद आ गयी है क्या तुझको कोई बात पुरानी ।।

पापा और मम्मी के बीच जब हुयी थी खिंचातानी, छोटी सी बच्ची थी पर करके ऐसे पैरोकारी, झुलझा दिया झगड़े जैसे कोई बड़ी सयानी। लाजो तेरी आँखीयों में क्युं आज भरा है पानी, याद आ गयी है क्या तुझको कोई बात पुरानी ।।

स्कूल में सखींयों के संग की वो मस्ती, जिसमें थी बातें भरी नादानी, वो टिचर को परेशान करना करके हरकते बचकानी। लाजो तेरी आँखीयों में क्युं आज भरा है पानी,

याद आ गयी है क्या तुझको कोई बात पुरानी ।।

जब शुरू हुयी सबसे छुपकर घंटो फोन पर बातें होनी,और रातों को न सोना,सुबह बिन डाँटों से न होनी, फिर मम्मी का ये कहना हरकते तेरी बदल रही है रानी, लगता रंग दिखानी शुरू कर दी है जवानी । लाजो तेरी आँखीयों में क्युं आज भरा है पानी, याद आ गयी है क्या तुझको कोई बात पुरानी ।।

जब मम्मी ने खुद ही संवारा तुझको, और बतायी आज ऐसे ही चाल है चलनी, और ऐसे ही बातें करनी, और लड़के वाले देखने आये, तब तु बन गयी ऐसे जैसे कोई मुरत सुहानी। लाजो तेरी आँखीयों में क्युं आज भरा है पानी, याद आ गयी है क्या तुझको कोई बात पुरानी ।।

जब बातें हो गयी और राजी हो गये दोनों घर खानदानी, और वो चले अपना घर भरने एक घर दी खंगानी, उनके जाते ही फिर से तु बन गयी मस्तानी, और शुरू कर दी उनकी मजाक उड़ानी। लाजो तेरी आँखीयों में क्युं आज भरा है पानी, याद आ गयी है क्या तुझको कोई बात पुरानी ।।

बारात आयी ब्याह हो गयी और हो गयी विदाई, और ईक घर की बेफिकरी गुड़ियां, बन गयी दुजे घर के जिम्मेदारीयों की रानी। लाजो तेरी आँखीयों में क्युं आज भरा है पानी, याद आ गयी है क्या तुझको कोई बात पुरानी ।।

देखा न कभी जिसको आँखीयां भिगोते और न ही सिसकते,

हरदम हँसने और हँसाने वाली, काम ही जिसका खुशियों के खजाने लुटानी, हुयी बात क्या ऐसी उसकी आँखों में भी है पानी। लाजो तेरी आँखीयों में क्युं आज भरा है पानी, याद आ गयी है क्या तुझको कोई बात पुरानी ।।

लाजो तेरी आँखीयों में क्युं आज भरा है पानी, याद आ गयी है क्या तुझको कोई बात पुरानी ।।

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